Dreams…….who doesn’t love talking about them! While most of us vividly express our desires, aspirations and ambitions through our dreams, this little girl from Mumbai has only one simple wish to make. But would it always remain a distant dream?

मैं नहीं चाहती

मैं नहीं चाहती, कि कोई बच्चा

रेलगाड़ी का फ़र्श साफ़ करे

नट की रस्सी पर झूलता नज़र आये

जिस्म को गोदने का फ़न सिखाये

शेर के मुंह में हाथ डाले

तपते पट्टों की ईंटों को ढोये,

होटलों और शराबखानों में

अपने दामन से मेज़ साफ़ करे.

सांप को रखकर एक पिटारे में

रास्तों पर भीख भी मांगे,

नाच-गाने सुनकर सबको खुश करे

बूट-पॉलिश में खूब माहिर हो,

माँ के आँचल से दूर हो जाए

बाप के साथ काम पर जाए.

मैं तो सिर्फ़ इतना चाहती हूँ

कि हर बच्चा

बचपन में सिर्फ़ बच्चा हो

ना कोई काम करे, बस आगे बढ़े

मैं सिर्फ़ ये चाहती हूँ कि

सब बच्चे बहुत ज़्यादा पढ़ें

और खूब आगे बढें….

                                                                                                 —फ़िरदौस बानो रफ़ीक शाह  

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